पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह श्रृंखला के अंतर्गत ‘ड्रग्स से परे बचपनः संरक्षण, देखभाल और पुनर्समावेशन’ विषय पर व्याख्यान
भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बिहार लोक भवन में पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह श्रृंखला के अंतर्गत ‘ड्रग्स से परे बचपनः संरक्षण, देखभाल और पुनर्समावेशन’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित बच्चों को उपचार, देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास की आवश्यकता है, ताकि उन्हें सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिल सके।
अपने विशेष संबोधन में माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कहा कि बच्चों में नशे की समस्या का समाधान करते समय उनकी शिक्षा, सुरक्षा, परिवार और भविष्य को ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए सभी संबंधित पक्षों के समन्वित प्रयास तथा बच्चों के शोषण और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया।